ErrorException Message: Argument 2 passed to WP_Translation_Controller::load_file() must be of the type string, null given, called in /home3/equicklearning/public_html/wp-includes/l10n.php on line 838 What is the DHCP and Configuration of DHCP in Hindi? - Equick Learning

What is the DHCP and Configuration of DHCP in Hindi?

DHCP and Configuration of DHCP:- Hey guys, Anshu Singh is right here! Today I’m going to discuss What is DHCP and the Configuration of DHCP?. So, please read this post till the end then you able to know more about it.

Table of Contents

    DHCP से आप क्या समझते है ?

    किसी भी network में यदि कोई host से communication करना चाहता है तो इसके लिये उसके पास एक unique IP address होना चाहिये ।

    चाहे फिर वह LAN(Local Area Network)हो या WAN(Wide Area Network) हो । ये IP address आप Manually भी हरhost पर configure कर सकते हैं ।

    1. यदि network काफी बडा है तो ये approach काम नहीं करेगी । 
    2. बडे network मे आप हरhost के पासmanually जाकर IP addressesassign नहीं कर सकते हैं । 
    3. इस problem को solveकरने के लिये DHCP का इस्तेमाल किया जाता है ।

    Dynamic Host Configuration Protocol का काम hosts को IP address assign करना होता है । ये IP address dynamically assign किये जाते हैं ।

    DHCP हमेशा IP addresses का Pool maintain करके रखता है । जैसे ही कोई host network से जुडने  का प्रयास करता है तो वह DHCP से IP address को request करता है ।

    Host की request पर DHCP उसे एक IP address assign करता है ।

    जब host network को  छोडता है तो ये IP address वावस  DHCP Pool में आ जाता है और दूसरे Hosts के लिये available हो जाता है ।

    DHCP एक Client/Server Protocol होता है । इसका Port number 67 होता है ।

    Host को IP address provide करना DHCP का Primary task होता है । लेकिन DHCP IP address के अलावा बहुत-सी information host को provide करता है ।

    ऐसे कुछ common information निचे दिये गये हैं-

    1) IP address(Ex.
    2) Subnet Mask(Ex
    3) Domain Name(
    4) Default Gateway(Ex.
    5) DNS Server Address

    Features of DHCP and how to configure the DHCP with IP address?

    DHCP के  निम्न्लिखित features हैं-

    1) DHCP से IP address configuration में error के chances बिल्कुल कम हो जाते है ।

    2) DHCP प्रयोग करने से आपको IP address की list को manage करने की आवश्यकता नहीं होती है, साथ ही आपको ये भी manage करने की आवश्यकता नहीं होती है कि कौन-सा IP address free है और कौन-सा assign किया जा चुका है ।

    3) यदि आप Host करने के लिये दूसरे network में  move करते हैं तो DHCP नया IP address assign कर देता है ।

    IP address को DHCP के साथ configure करने की प्रक्रिया-

    Host के request करने से लेकर IP address assign करने की प्रक्रिया के कुछ steps होते हैं । इन steps को नीचे समझाया गया है ।

    1) सबसे पहले DHCP client(host) available DHCP Server के लिये DHCP discover Message broadcast करता है ।

    2) इसके पश्चात जो DHCP Server इस message को  receive करता है वह client को  offer message भेजता है । Offer message के द्वारा DHCP Server खुद की existance को show करता है ।

    3) इसके बाद Client Server को IP address और  regarding information के लिये   Request message broad cast करता है ।

    4) इसके बाद Server Client को  information एक unicast acknowledgement message के द्वारा भेजता है ।

    DHCP का configuration किस प्रकार किया जा सकता है ? Explain with Example.

    किसी भी network में  DHCP Server का important role होता है । DHCP Server को किसी router या Switch पर  Configure कर रहे हैं तो आपके पास निम्न जानकारियां होनी चाहिए ।

    1) आपके पास network ID होनी चाहिए । यदि आप किसी Subnet की  network ID नहीं define करते हैं तो by default सभी Address Assign किए जाते हैं ।

    2) आपको यह भी ज्ञात होना चहिये कि ऐसे कौन-से addresses हैं जो पहले से use किए जा रहे हैं । जैसे की कोई addresses जो printers, routers या दूसरे purposes के लिये use किये जा रहे हैं ।

    ऐसे addresses को DHCP configuration से exclude किया जाता है ।

    3) आपको network के  default router(default gateway) का address भी पता होना चाहिए ।

    4) DNS (Domain Name System) Server का address भी आपको पता होना चाहिए ।

    Read these contents –

    DHCP को configure करने के steps

    1) सबसे पहले उन addresses को exclude करते हैं जो पहले से दूसरे  purpose के लिये प्रयोग किए जा रहे हैं य reserved हैं ।

    2) इसके बाद Subnet के लिये Unique name से Poolcreate करते हैं ।

    3) इसके बाद वो network ID और  Subnet mask set करते हैं जो Server hosts को IP addresses assign करने के लिये प्रयोग करेगा ।

    4) इसके बाद आप default gateway का address set करते हैं ।

    5) इसके बाद DNS Server का address set करते हैं ।

    6) यदि पहले से set lease time नहीं use करना चाहते हैं तो आप lease time को days, hours और  minutes में set कर सकते हैं ।


    नीचे उदाहरण द्वारा DHCP configuration को समझाया गया है

    router(config)#ip dhcp excluded-address
    router(config)#ip pool Best_Hindi-Tutorials
    router(dhcp-config)#lease 2 15 2

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    Final Word

    I hope you like this post, What is DHCP and Configuration of DHCP?. If you have any doubts or suggestions, please ask us in the comment given below, and join with us for daily updates.

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